शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

चित्तौडग़ढ़ राजस्थान में पेट्रोल पंप पर रिमोट और चिप लगाकर तेल चोरी का भंडफोड़, जांच के बाद पंप सीज



चित्तौडग़ढ़ राजस्थान में पेट्रोल पंप पर रिमोट और चिप लगाकर तेल चोरी का भंडफोड़, जांच के बाद पंप सीज


राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ शहर में ङ्क्षहदुस्तान पेट्रोलियम के एक पेट्रोलपंप को माप एवं तौल विभाग के विशेष दस्ते ने मशीन में चिप लगाकर ग्राहकों को कम पेट्रोल व डीजल देने पर सीज किया है।




जिला रसद अधिकारी वंदना खोरवाल ने बताया कि शहर से आठ किलोमीटर दूर जालमपुरा में कंपनी संचालित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आउटलेट के पंप पर मीटर के अंदर रिमोट संचालित चिप लगाकर ग्राहकों को कम पेट्रोल तथा डीजल दिए जाने की शिकायत मिलने पर माप एवं तौल विभाग जयपुर के उप नियंत्रक चंदीराम जसवानी के नेतृत्व में जांच करने पर मशीन में चिप लगी मिली।




इसकी जिला रसद विभाग को सूचना दी गई एवं निरीक्षक सुमन तिवारी की उपस्थिति में पम्प को सीज कर दिया गया। कंपनी के अधिकारियों को बुलवाकर इस पंप के संचालक के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। मालूम हो कि इससे पहले गुरुवार यूपी की राजधानी लखनऊ के सात पेट्रोल पंपों पर तेल चोरी का भंडाफोड़ हुआ था।

पेट्रोल पंपों पर रिमोट से हर महीने चोरी हो रहा था लाखों का तेल

1000 के बजाय 900-950 का डालते थे पेट्रोल

लखनऊ के सात पेट्रोल पंपों पर आरोप है कि ये चिप के जरिए हेराफेरी कर 1000 के बजाय 900-950 रुपये का ही पेट्रोल वाहन में डालते थे। छापेमारी के दौरान प्रशासन, पेट्रोल कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि चिप के जरिए इस तरह की धांधली को अंजाम दिया जा रहा था। यह भी कहा जा रहा है कि इस तरह से एक पंप पर हर महीने पांच लाख से 15 रुपये तक की पेट्रोल की चोरी हो रहे थे। लखनऊ जैसे शहरों में हर महीने 10-15 लाख की धांधली होती है। एसटीएफ के मुताबिक यूपी में इस तरह की धांधली करने वाले 1000 पेट्रोल पंप हैं। एसटीएफ ने चिप लगाने वाले को गिरफ्तार कर लिया है।




यूपी ही नहीं कई राज्यों में चल रहा खेल

एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि पेट्रोल घटतौली का खेल करने वाला एक बड़ा गिरोह यूपी के साथ दूसरे राज्यों में चिप और रिमोट लगाने का खेल कर रहा था। एसटीएफ को इसकी सूचना मिली थी। एसटीएफ ने गुरुवार को गैंग से जुड़े राजेंद्र को हिरासत में लिया। उसने पूछताछ में लखनऊ के सात पेट्रोल पंपों में चिप और रिमोट लगाने की बात कबूली। इसके बाद एसएसपी अमित पाठक ने पांच विभागों के साथ मिलकर सात टीमें बनाईं और छापेमारी शुरू की।

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