शनिवार, 22 अक्तूबर 2016

बाड़मेर.राजपुरोहित समाज ने संस्कार शिविर का किया आगाज



बाड़मेर.राजपुरोहित समाज ने संस्कार शिविर का किया आगाज


राजपुरोहित समाज देशभर में अब अविवाहित बेटियों के संस्कार शिविर के आगाज की अनूठी पहल कर रहा है। समाज के सबसे बड़े तीर्थ स्थल आसोतरा के महंत ध्यानाचार्य ने इसकी शुरुआत शनिवार को बाड़मेर से की और अब यह सिलसिला देशभर में लगातार चलेगा। यहां हुए पहले शिविर में एक हजार से अधिक बेटियों ने भाग लिया।

राजपुरोहित समाज ने संस्कार शिविर का किया आगाज




बालिका शिक्षा को लेकर बदल रहे माहौल के बीच राजपुरोहित समाज ने एक अनूठी पहल करते हुए बालिका प्रेरणा संस्कार की नवीन मुहिम शुरू करने का बीड़ा उठाया है। इस मुहिम का आगाज बाड़मेर से संस्कार शिविर के रूप में हुआ है। अपने तरह के पहले और अनूठे बालिका प्रेरणा संस्कार शिविर में अकेले बाड़मेर में भाग लेने वाली बालिकाओं की तादाद एक हजार के करीब रही। बाड़मेर के बाद यह शिविर जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर और बीकानेर में आयोजित किए जाएंगे।




अखिल विश्व राजपुरोहित खेतेश्वर युवा सेवा संघ राजपुरोहित समाज को शिक्षा के माध्यम से चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसित करने, संस्कार युक्त माहौल बनाने, नशामुक्त समाज बनाने और आपसी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्यों से ब्रह्मधाम पीठाधीश्वर तुलछाराम महाराज के निर्देशों और वेदांताचार्य डॉ. ध्यानाराम महाराज की निश्रा में बालिका प्रेरणा संस्कार शिवरो का आयोजन हुआ। इन शिवरो में एक दिवसीय आयोजन में 14 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित बालिकाओं को आमंत्रित किया गया था।




शिविर में अपने और अपने परिवार के लिए संस्कार को लेकर बालिकाओं को कई बातें बताई गई। देश में अपनी तरह के इस अनूठे शिविर को अपनी धरा पर शुरू होते देखने वाले राजपुरोहित समाज के इस आयोजन में भाग लेने के कई कायदे तय किए गए थे। जानकारी के मुताबित यहां भाग लेने वाले किसी भी शख्स के पास मोबाइल फोन नहीं रहने दिया गया। अखिल विश्व राजपुरोहित खेतेश्वर युवा सेवा संघ की ओर से आयोजित किये जा रहे इस आयोजन में पाश्चात्य परिधानों पर भी रोक लगाई गई थी।

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